रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,72,000 करोड़ का व्यापक और विकासोन्मुख बजट पेश किया है। बजट दस्तावेज के अनुसार राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2026-27 में ₹7.09 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है । यह वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था में निरंतर मजबूती और निवेश अनुकूल वातावरण का संकेत देती है।
लगातार बढ़ती अर्थव्यवस्था
पिछले छह वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी है। वर्ष 2021-22 में जहां GSDP ₹4.11 लाख करोड़ था, वहीं 2026-27 में इसके ₹7.09 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है ।
राज्य की आर्थिक संरचना में उद्योग क्षेत्र का सर्वाधिक 46.6 प्रतिशत योगदान है, जबकि सेवा क्षेत्र 32.8 प्रतिशत और कृषि 20.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है । यह संतुलन बताता है कि सरकार कृषि और औद्योगिक विकास दोनों पर समान ध्यान दे रही है।
आय और व्यय का संतुलित खाका
बजट 2026-27 में कुल प्राप्तियां ₹1,72,000 करोड़ आंकी गई हैं। इनमें ₹1,43,000 करोड़ राजस्व प्राप्तियां और ₹29,000 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं ।
राज्य का स्वयं का राजस्व ₹77,000 करोड़ अनुमानित है, जिसमें ₹52,000 करोड़ कर राजस्व और ₹25,000 करोड़ कर भिन्न राजस्व से प्राप्त होंगे ।
कुल व्यय भी ₹1,72,000 करोड़ प्रस्तावित है, जिसमें ₹1,45,000 करोड़ राजस्व व्यय और ₹26,500 करोड़ पूंजीगत व्यय शामिल हैं ।
राजकोषीय घाटा ₹20,400 करोड़ रहने का अनुमान है, जो GSDP का 2.87 प्रतिशत है । यह संकेत देता है कि सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में प्रयासरत है।
शिक्षा, ग्रामीण विकास और कृषि को प्राथमिकता
बजट का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा प्रमुख विभागों को आवंटित किया गया है ।
स्कूल शिक्षा के लिए ₹22,360 करोड़, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए ₹16,560 करोड़ और कृषि क्षेत्र के लिए ₹13,507 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास तथा लोक निर्माण विभागों को भी उल्लेखनीय राशि दी गई है।
कृषकों के लिए ₹10,000 करोड़ की कृषक उन्नति योजना, ₹5,500 करोड़ की बिजली सब्सिडी और ₹820 करोड़ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए निर्धारित किए गए हैं । धान खरीदी के लिए ₹6,000 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे मजबूती देगा।
महिला, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
महतारी वंदन योजना के लिए ₹8,200 करोड़ और आंगनवाड़ी एवं पोषण योजनाओं के लिए ₹2,320 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
स्वास्थ्य क्षेत्र में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के लिए ₹1,500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए ₹2,000 करोड़ निर्धारित हैं ।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री पेंशन योजना और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ देने का प्रावधान किया गया है ।
युवा, उद्योग और अधोसंरचना
युवाओं के लिए CG-ACE योजना पर ₹33 करोड़ और मेगा परीक्षा केंद्र की स्थापना के लिए ₹25 करोड़ का प्रावधान है । कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के लिए भी पर्याप्त राशि निर्धारित की गई है।
औद्योगिक विकास हेतु ₹1,750 करोड़ और 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।
अधोसंरचना विकास के लिए ₹26,500 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जिसमें सड़क, ऊर्जा, शहरी विकास और विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना जैसी परियोजनाएं शामिल हैं ।
समग्र विकास का संकल्प
बजट दस्तावेज में संतुलित क्षेत्रीय विकास, निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन में निवेश और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है । वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

