प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोच्चि जोनल कार्यालय ने 5 फरवरी 2026 को केरल और तमिलनाडु में स्थित दस परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई नेदुमपरम्बिल क्रेडिट सिंडिकेट (एनसीएस), केरल और उससे संबद्ध समूह की कंपनियों द्वारा निवेशकों के धन की कथित धोखाधड़ी और गबन की जांच के सिलसिले में की गई।
ईडी की जांच के अनुसार, एनसीएस को राजू जॉर्ज और उनके परिवार के सदस्य नियंत्रित करते हैं। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड बरामद कर जब्त किए गए। एजेंसी को समूह से जुड़ी अचल संपत्तियों के संबंध में भी अहम साक्ष्य मिले हैं, जिनमें अपराध की आय से अर्जित की गई उच्च मूल्य की संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं।
ईडी ने इन संपत्तियों को छिपाए जाने या नष्ट किए जाने की आशंका को देखते हुए मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों की करीब 44.5 करोड़ रुपये की संपत्तियों को पीएमएलए की धारा 17(1-ए) के तहत फ्रीज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है ताकि धन के प्रवाह और अपराध की आय के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

