राजिम, 16 मार्च 2026 : सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद नगर सैनिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। अदालत ने ‘समान काम समान वेतन’ के सिद्धांत को बरकरार रखते हुए नगर सैनिकों को पुलिस कर्मियों के समकक्ष वेतन और सुविधाएं देने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इस निर्णय से जिले सहित प्रदेश के सैकड़ों नगर सैनिकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार नगर सैनिक लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि वे पुलिस कर्मियों की तरह ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक नियंत्रण और वीआईपी ड्यूटी जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं, फिर भी उन्हें कम वेतन और सीमित सुविधाएं मिलती हैं। इसी मुद्दे को लेकर वर्ष 2022 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी, जिसमें ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ लागू करने की मांग की गई थी। उच्च न्यायालय ने नगर सैनिकों के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए नगर सैनिकों के पक्ष में अंतिम निर्णय दिया है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में नगर सैनिक विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस विभाग में वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक व्यवस्था संभालने और वीआईपी ड्यूटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा कई नगर सैनिक होमगार्ड, आपदा प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी और प्रशासनिक कार्यों में भी सहयोग करते हैं। भीड़ नियंत्रण, प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्य और सरकारी आयोजनों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। इसके बावजूद अब तक उन्हें नियमित पुलिस कर्मियों की तुलना में कम वेतन और सुविधाएं मिलती रही हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत नगर सैनिकों को सेवा के दौरान मृत्यु या सेवानिवृत्ति की स्थिति में लगभग दो लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। यह राशि उनके वेतन से की जाने वाली कटौती के आधार पर जमा की जाती है। नगर सैनिकों का कहना है कि यदि ‘समान काम समान वेतन’ की व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाती है तो उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और भविष्य को लेकर सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। लंबे समय से पेंशन और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे नगर सैनिकों को भी इस फैसले से नई उम्मीद मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार को तय समय सीमा के भीतर इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। फैसले के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में नगर सैनिकों के बीच खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

