अम्बिकापुर में रिश्वतखोरी के एक मामले में विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण) ने राजस्व निरीक्षक राज बहादुर सिंह को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी को एंटी करप्शन ब्यूरो ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
मामले की शिकायत शहर के कृष्णा नगर निवासी श्रीमती अर्चना खाखा ने 17 जुलाई 2020 को दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पति राकेश खाखा ने वर्ष 2018 में ठाकुरपुर निवासी जानू आ. बंधु अगरिया से खसरा नंबर 542/12, रकबा 0.04 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। भूमि क्रय के बाद नक्शा काटने और रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए वे राजस्व निरीक्षक राज बहादुर सिंह के पास गई थीं।
आरोप है कि इस प्रक्रिया के लिए आरआई ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत देने के बजाय महिला ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान भी आरोपी ने 10 हजार रुपये से कम न लेने की बात कही।
इसके बाद जब राजस्व निरीक्षक जमीन की नापजोख के लिए पहुंचा, तो उसने फिर से रिश्वत की मांग की। महिला ने मौके पर 2 हजार रुपये दिए और शेष 8 हजार रुपये नक्शा काटने व रिकॉर्ड दुरुस्त करने के बाद देने की बात कही। तय योजना के अनुसार एंटी करप्शन ब्यूरो ने 7 अगस्त 2020 को पटवारी कार्यालय सह निवास फुन्दुरडिहारी में ट्रैप कार्रवाई की और राज बहादुर सिंह को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए चार साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

