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  • छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी का बड़ा फैसला: भुगतान अधूरा तो नहीं मिलेगा देरी का ब्याज, पहले चुकाएं बकाया फिर लें फ्लैट का कब्जा

    Chhattisgarh Real Estate Regulatory Authority | CG RERA

    छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने रायपुर के सद्दू स्थित पाम रिसॉर्ट परियोजना के फ्लैट से जुड़े विवाद में अहम आदेश दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि जब तक खरीदार बिक्री समझौते के अनुसार 90 प्रतिशत राशि जमा नहीं करता, तब तक डेवलपर पर कब्जा देने में देरी का आरोप नहीं लगाया जा सकता।

    मामले में फ्लैट की कुल कीमत 29.50 लाख रुपये थी, जिसमें से खरीदार ने 24.50 लाख रुपये विभिन्न किश्तों में जमा किए। समझौते के अनुसार फिनिशिंग स्टेज पर 90 प्रतिशत यानी 26.55 लाख रुपये जमा करना आवश्यक था। रिकॉर्ड के अनुसार 2.05 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं, जबकि 2.95 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय देय हैं।

    खरीदार ने दावा किया था कि 19 अगस्त 2023 तक कब्जा देने का वादा किया गया था, लेकिन समय पर फ्लैट नहीं दिया गया। उसने छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 की धारा 31 के तहत शिकायत दायर कर देरी पर ब्याज और मुआवजे की मांग की। दूसरी ओर, डेवलपर ने कोविड-19 महामारी, लॉकडाउन, श्रमिकों की कमी और सप्लाई चेन बाधाओं को देरी का कारण बताया। साथ ही धारा 6 के तहत मिली समय-सीमा विस्तार का हवाला दिया।

    मामला पहले 3 सितंबर 2025 के आदेश तक पहुंचा, जिसे बाद में अपीलीय अधिकरण ने 22 दिसंबर 2025 को निरस्त कर पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया। दोबारा सुनवाई के बाद प्राधिकरण ने पाया कि खरीदार ने भुगतान शर्तों का पूर्ण पालन नहीं किया। धारा 18 और धारा 19(6) व 19(7) का हवाला देते हुए कहा गया कि जब तक खरीदार अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियां पूरी नहीं करता, वह देरी पर ब्याज का हकदार नहीं है।

    अंतिम आदेश में खरीदार को 45 दिनों के भीतर 2.05 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद डेवलपर को सक्षम प्राधिकारी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त कर रजिस्ट्री पूरी करने और शेष 2.95 लाख रुपये प्राप्त कर कब्जा सौंपने का आदेश दिया गया। ब्याज की मांग खारिज कर दी गई। यह आदेश स्पष्ट करता है कि खरीदार और डेवलपर दोनों पर समान रूप से संविदात्मक दायित्व लागू होते हैं।

    Dr. K. S. Mishra

    Dr. K. S. Mishra

    Dr. K. S. Mishra is a senior science author who has been contributing to national, state, and regional news since 2014. He writes for both print and electronic media, focusing on science, environment, and related public issues, with an emphasis on clear and accurate reporting for a broad audience.
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