भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रारंभिक स्तर के अधिकारियों के लिए आयोजित नेतृत्व विकास यात्रा HANSA 3.0 (बैच II, चरण II – पश्चिमी क्षेत्र) कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। छह दिवसीय यह आवासीय कार्यक्रम अटल नगर स्थित संस्थान परिसर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य उभरते नेतृत्वकर्ताओं में रणनीतिक दृष्टि, नेतृत्व कौशल और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता को सुदृढ़ करना था। इसका संचालन प्रोफेसर सत्यसीबा दास, अधिष्ठाता (बाह्य संबंध) एवं कार्यक्रम निदेशक, और प्रोफेसर परिक्षित चरण, कार्यक्रम निदेशक, के नेतृत्व में किया गया। वरिष्ठ संकाय सदस्यों और बाह्य विशेषज्ञों के सहयोग से इसे एक गहन एवं अनुभवात्मक शिक्षण पहल के रूप में तैयार किया गया।
छह दिनों के दौरान प्रतिभागियों को समकालीन प्रबंधन के विविध आयामों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें व्यवसायिक अवसरों की पहचान और व्यवसाय योजना निर्माण, डिजिटल रूपांतरण, एकीकृत विपणन संचार, पूंजीगत व्यय निर्णय, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, नेतृत्व विकास, उद्यमिता, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, रणनीतिक परिवर्तन, संगठनात्मक रूपांतरण, परिदृश्य नियोजन तथा नवाचार आधारित संगठनात्मक उत्कृष्टता जैसे विषय शामिल रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन योग और वेलनेस सत्रों से होती थी। इसके बाद संवादात्मक कक्षाएं, समूह अभ्यास और सहयोगात्मक शिक्षण सत्र आयोजित किए जाते थे। सायंकालीन खेल गतिविधियों और संरचित नेटवर्किंग सत्रों ने टीम भावना और सहकर्मी शिक्षण को मजबूत किया।
इस पहल में प्रोफेसर वर्षा ममिडी, प्रोफेसर जगन्नाथ एम. वी. के., प्रोफेसर मुनमुन गोस्वामी और प्रोफेसर संजीव प्रशर सहित अन्य संकाय सदस्यों ने योगदान दिया। बाह्य संकाय के रूप में श्री सत्यरंजन भट्टाचार्य ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंतर्गत एक्शन लर्निंग प्रोजेक्ट और व्यक्तिगत लर्निंग प्रोजेक्ट की प्रस्तुतियां इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित की गईं। इनमें श्री पितांबर त्रिपाठी, कार्यकारी निदेशक (पश्चिमी क्षेत्र), श्री विनीत नारायण, महाप्रबंधक (लर्निंग एंड डेवलपमेंट), श्री दीप्थीनाथ टी. एन., उप महाप्रबंधक (रिफाइनरी एश्योरेंस) तथा सुश्री वित्तस्ता काचरू, सहायक प्रबंधक (लर्निंग एंड डेवलपमेंट) शामिल रहे।
प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को नेतृत्व, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, परिचालन उत्कृष्टता और रणनीतिक निर्णय क्षमता के विकास की दृष्टि से एक समृद्ध अनुभव बताया। उन्होंने सहकर्मी नेटवर्किंग, अनुभव आधारित शिक्षण और संरचित अकादमिक वातावरण को विशेष रूप से उपयोगी माना।
14 फरवरी 2026 को आयोजित समापन सत्र में प्रोफेसर सत्यसीबा दास, प्रोफेसर परिक्षित चरण और प्रोफेसर संजीव प्रशर, प्रभारी निदेशक, की उपस्थिति में कार्यक्रम के सफल समापन की औपचारिक घोषणा की गई।
HANSA 3.0 नेतृत्व विकास पहल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए प्रबंधकीय दक्षता और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के प्रति आईआईएम रायपुर की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

