Steel Authority of India Limited के Bhilai Steel Plant में ‘राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन’ के अंतर्गत क्षमता निर्माण उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल क्रियान्वयन किया गया। इस अभियान के तहत उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 मास्टर ट्रेनर्स को सम्मानित किया गया।
मानव संसाधन–ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के अंतर्गत मानव संसाधन विकास केंद्र और प्रबंधन विकास केंद्र द्वारा “राष्ट्रीय कर्मयोगी” एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न चरणों में 5 अक्टूबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया। इस दौरान संयंत्र के अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों ने उत्साह के साथ भागीदारी की।
कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों की क्षमता को सुदृढ़ करना, व्यावसायिक दक्षताओं को बेहतर बनाना और सरकारी तंत्र में सतत अधिगम, सेवा उत्कृष्टता तथा जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना था। निर्धारित अवधि में संयंत्र के दो लीड ट्रेनर्स के मार्गदर्शन में तैयार 57 मास्टर ट्रेनर्स ने एक दिवसीय सत्रों के माध्यम से कुल 3,735 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। इस प्रदर्शन के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की सभी इकाइयों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
इन 57 मास्टर ट्रेनर्स में से 15 ने अपने प्रभावी प्रशिक्षण कौशल, नेतृत्व क्षमता और विषय पर मजबूत पकड़ के कारण विशेष पहचान बनाई। सम्मानित मास्टर ट्रेनर्स में श्री अरुण कुमार सरोज, सुश्री नवनीता चौहान, सुश्री शीबा थॉमस, सुश्री शेख शिरीन, सुश्री अवंथि वुचुला, श्री सिकंदर इंदोरिया, श्री निशांत प्रकाश टोप्पो, श्री गौरव सिंघल, श्री बीरेन्द्र कुमार, श्री आनंद कुमार, श्री दिनेश चंद्र महाजन, सुश्री तनमयी मल्लेश, श्री नरेंद्र राव, श्री बी. गोपाल राव और श्री अनिल भावे शामिल हैं।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में निदेशक प्रभारी सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने 15 मास्टर ट्रेनर्स को उनके योगदान, सक्रिय सहभागिता और प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत विकास को राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों से जोड़ना आज की आवश्यकता है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय कर्मयोगी जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक सेवा प्रणाली में दक्षता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ऐसे विषयों को शामिल किया गया, जो कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन दोनों में सकारात्मक दृष्टिकोण और व्यवहार परिवर्तन से जुड़े थे। संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से कर्मचारियों को संगठन और समाज की सेवा अधिक प्रेरित मानसिकता के साथ करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने मास्टर ट्रेनर्स के प्रयासों की सराहना की।

