Popular Posts

Consumer Protection

टाटा शोरूम की बड़ी जीत: उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया, हर्जाना भरने का आदेश

February 2, 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह वाहन दुर्घटना के दावे को अनुचित रूप से खारिज करने के बदले शोरूम संचालक को ब्याज सहित क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करे।

यह मामला मेसर्स जे.डी. आटोनेशन (जे.डी. टाटा) से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी एक टाटा पंच गाड़ी का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस से कराया था। जून 2023 में जब यह गाड़ी जांजगीर से बिलासपुर शोरूम लाई जा रही थी, तब रास्ते में अचानक मवेशी के सामने आ जाने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शोरूम प्रबंधन ने जब बीमा कंपनी के पास मरम्मत के लिए दावा पेश किया, तो कंपनी ने टोल रसीद, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस रिपोर्ट की कमी जैसे तकनीकी आधारों का हवाला देते हुए क्लेम खारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल और सदस्यों ने पाया कि बीमा कंपनी के खुद के सर्वेयर ने अपनी रिपोर्ट में दुर्घटना को वास्तविक माना था। आयोग ने टिप्पणी की कि जब सर्वेयर ने दस्तावेजों और परिस्थितियों का भौतिक सत्यापन कर लिया था, तो सीसीटीवी फुटेज या टोल रसीद जैसी मांगें अनावश्यक थीं। अदालत ने माना कि बीमा कंपनी ने वैध दावे को रोककर सेवा में लापरवाही बरती है।

अपने अंतिम आदेश में आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को निर्देशित किया कि वह 45 दिनों के भीतर सर्वेयर द्वारा आंकलित 2,20,523 रुपये की राशि का भुगतान करे। इसके साथ ही, परिवाद पेश करने की तिथि 1 जुलाई 2024 से भुगतान होने तक इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। मानसिक कष्ट और अदालती खर्च के लिए भी कंपनी को अलग से 30,000 रुपये देने का आदेश सुनाया गया है।

Case Reference : M./S. J. D. Autonation Vs. United India Insurance

Add Google Preferences