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February 9, 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने हवाई यात्रा के टिकट रिफंड मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ग्राहक के पक्ष में निर्णय दिया है। आयोग ने एक ट्रैवल एजेंट को आदेश दिया है कि वह एयरलाइंस से प्राप्त रिफंड की राशि न केवल ग्राहकों को लौटाए, बल्कि मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के लिए हर्जाना भी भरे।
मामला शांति नगर, सकरी निवासी श्रीमती धनेश्वरी वस्त्रकार और उनके परिवार से जुड़ा है। परिवादीगण ने नवंबर 2024 में विपक्षी दीपक कुमार मिश्रा के माध्यम से बिलासपुर से प्रयागराज आने-जाने के लिए चार हवाई टिकट बुक कराए थे। वापसी के समय खराब मौसम के कारण टिकट कैंसिल कराने पड़े, जिसके बाद एयरलाइंस कंपनी ने ₹14,396 का रिफंड एजेंट के खाते में वापस कर दिया था। हालांकि, बार-बार निवेदन और कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद एजेंट ने यह राशि ग्राहकों को नहीं लौटाई।
विपक्षी एजेंट ने अपनी सफाई में तर्क दिया था कि टिकट बुकिंग के समय किराया बढ़ गया था और ग्राहकों ने कम भुगतान किया था, इसलिए वह बढ़ी हुई राशि काटकर केवल ₹8,311 वापस करने को तैयार है। हालांकि, जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल और सदस्यों ने दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच में पाया कि एजेंट द्वारा प्रस्तुत किए गए टिकटों के विवरण में हेराफेरी की गई थी। आयोग ने पाया कि एजेंट ने अपने सॉफ्टवेयर के माध्यम से टिकट की राशि में ₹1,000 बढ़ाकर कूटरचना की और अनुचित व्यापारिक व्यवहार अपनाया।
आयोग ने इसे सेवा में भारी कमी मानते हुए विपक्षी दीपक मिश्रा को कड़ा निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, विपक्षी को रिफंड की मूल राशि ₹14,396 परिवाद दायर करने की तिथि (9 मई 2025) से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी। इसके साथ ही, ग्राहकों को हुई मानसिक पीड़ा के लिए ₹5,000 और कानूनी खर्च (वाद व्यय) के रूप में ₹5,000 का अतिरिक्त भुगतान 45 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया गया है।
Case Reference : Smt. Dhaneshvari Vastrakar & Ors. Vs. Deepak Mishra