बिलासपुर जिला न्यायालय ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में विवाह से इनकार करने के बाद युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में आरोपी युवक को 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला पचपेड़ी क्षेत्र का है। यहां की एक युवती अपने पिता के साथ रोजगार के लिए ऊटी गई थी। उसी दौरान सुलौनी निवासी गोलू उर्फ रामकुमार उर्फ अनिल दिवाकर (24 वर्ष), पिता पुरूषोत्तम दिवाकर, भी वहां गया हुआ था। दोनों के बीच परिचय हुआ जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गया।
स्वास्थ्य खराब होने पर युवती अकेले अपने गांव लौट आई। कुछ समय बाद आरोपी भी गांव आ गया। आरोप है कि युवक ने शादी का वादा कर युवती से शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया।
इससे आहत होकर 26 मार्च 2024 को युवती ने जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश मनीषा ठाकुर की अदालत में हुई।
दोनों पक्षों की गवाही और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

