• Hindi
  • गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में एचओडी नियुक्तियों पर विवाद, वरिष्ठता की अनदेखी के आरोप

    Guru Ghasidas Vishwavidyalaya, Bilaspur | Law Notify

    बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष (एचओडी) की नियुक्तियों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय के कई विभागों में वरिष्ठ प्रोफेसरों की मौजूदगी के बावजूद उनसे जूनियर एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों को एचओडी बनाए जाने पर शिक्षकों के बीच असंतोष देखा जा रहा है। कुछ शिक्षकों का आरोप है कि कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल अपने करीबी शिक्षकों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ का यह इकलौता केंद्रीय विश्वविद्यालय केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित होता है, इसलिए यहां नियुक्तियों में विश्वविद्यालय के अध्यादेश और यूजीसी के नियमों का पालन अपेक्षित माना जाता है। विश्वविद्यालय के अध्यादेश-75 में विभागाध्यक्ष की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर रोटेशन से किए जाने का प्रावधान है। इसके अनुसार सामान्यतः प्रोफेसरों में से वरिष्ठतम को तीन वर्ष के लिए एचओडी बनाया जाता है। यदि विभाग में प्रोफेसर उपलब्ध नहीं हों तो वरिष्ठता के आधार पर एसोसिएट प्रोफेसर को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।

    हालांकि आरोप है कि कई विभागों में इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया। सिविल इंजीनियरिंग, कॉमर्स, बॉटनी, सोशल वर्क, इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, एजुकेशन और कंप्यूटर साइंस जैसे विभागों में वरिष्ठ प्रोफेसरों के रहते जूनियर शिक्षकों को एचओडी बनाए जाने के उदाहरण सामने आए हैं। इन फैसलों को लेकर विश्वविद्यालय के भीतर वरिष्ठता और रोटेशन के सिद्धांतों की अनदेखी होने की चर्चा है।

    वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन इन आरोपों से सहमत नहीं है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव का कहना है कि सभी नियुक्तियां यूजीसी नियमों और विश्वविद्यालय के अध्यादेशों के अनुसार की जाती हैं। उनके अनुसार अध्यादेश-75 में परिस्थितियों के आधार पर कुलपति को विभागाध्यक्ष नियुक्त करने का अधिकार भी दिया गया है।

    Law Notify Team

    Team Law Notify

    Law Notify is an independent legal information platform working in the field of law science since 2018. It focuses on reporting court news, landmark judgments, and developments in laws, rules, and government notifications.
    1 mins