बिलासपुर : जिला न्यायालय ने तीन साल पहले होटल हेवन्स पार्क के सामने एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में हिस्ट्रीशीटर रितेश निखारे उर्फ मैडी सहित 13 आरोपियों को सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए सख्त कारावास और जुर्माने से दंडित किया।
घटना 7 मई 2023 की है। चकरभाठा निवासी भास्कर वर्मा टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित हेवन्स पार्क के बार में गए थे। रात करीब दो बजे उनके दोस्त नवीन गोस्वामी उन्हें लेने के लिए बाहर पहुंचे। फोन आने पर भास्कर बार से बाहर निकले और सड़क के डिवाइडर पार कर दूसरी ओर पहुंचे। आरोप है कि वहीं पहले से घात लगाकर बैठे जरहाभाठा मिनीबस्ती निवासी हिस्ट्रीशीटर रितेश निखारे उर्फ मैडी और उसके साथियों ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उन्हें दौड़ाकर पीटा और साइकिल की चेन-स्पाकेट जैसे हथियार से वार किया। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
वीडियो फुटेज के आधार पर तत्कालीन तारबाहर थाना प्रभारी मनोज नायक ने टीम के साथ मुंगेली में दबिश देकर रितेश निखारे उर्फ मैडी समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से हथियार भी जब्त किए और जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया।
28 फरवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) लवकेश प्रताप सिंह बघेल ने दोनों पक्षों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध पाया। अदालत ने धारा 307 के तहत सात साल की सजा और 2000 रुपये जुर्माना, धारा 148 के तहत दो साल की सजा और 500 रुपये जुर्माना, धारा 147 में एक साल की सजा और 500 रुपये जुर्माना, धारा 120-बी में एक साल की सजा और 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 506-बी में दो साल की सजा और 500 रुपये जुर्माना सुनाई। शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता घन सिंह ने पैरवी की।
फैसले के बाद बड़ी संख्या में मैडी और उसके समर्थक जिला न्यायालय पहुंच गए। सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू पुलिस बल के साथ आरोपियों को मुलाहिजा के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां भी समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। बाद में जब उन्हें केंद्रीय जेल ले जाया गया तो जेल के बाहर भी समर्थक मौजूद रहे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी आरोपियों को जेल में दाखिल कराया।
इस मामले में रितेश निखारे उर्फ मैडी, सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू, फरीद अहमद उर्फ सोनू खान, आयुष मराठा उर्फ बाबू, एम वरुण, निकेत शर्मा उर्फ प्रिंस, काव्य गढ़वाल, रूपेश दुबे, आदित्य प्रकाश दुबे, सोनू माली उर्फ आशीष, मोहम्मद साधिर उर्फ रानू, विकास वैष्णव उर्फ बाबा राजू और विराज सिंह धूय उर्फ गोलू विदेशी को दोषी ठहराया गया है।

