पेंड्रारोड : छत्तीसगढ़ के पेंड्रारोड स्थित विशेष अदालत ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले में त्वरित न्याय करते हुए दो युवकों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने कोरबा निवासी अंशु जॉन और बलौदाबाजार के विकास मसीह को पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया।
अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला अप्रैल 2025 का है। घटना की रात पीड़ित नाबालिग अपने काम से जा रहा था, तभी आरोपियों ने उसे रास्ते में रोककर जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाया और सुमन निकेतन चर्च के पीछे स्थित एक सुनसान जंगल में ले गए।
वहाँ दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो भी बनाया। वारदात के बाद उन्होंने पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए दबाव डाला। हालांकि, पीड़ित की हिम्मत और गौरेला पुलिस की तत्परता से मामला थाने तक पहुँचा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई।
इस मामले की विशेष बात यह रही कि न्यायालय ने मात्र 11 महीनों में सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई।

