17 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने रायपुर स्थित एक रियल एस्टेट डवलपर को अपने आवासीय प्रोजेक्ट में विज्ञापित स्विमिंग पूल का निर्माण करने का निर्देश दिया। प्राधिकरण ने पाया कि परियोजना के ब्रॉशर में स्विमिंग पूल का स्पष्ट उल्लेख था, लेकिन उसे बनाया नहीं गया।
यह आदेश 16 फरवरी 2026 को पारित किया गया, जिसमें श्री राजकुमार यादव बनाम कदम बिल्डर्स, पार्टनर श्री अतुल बोरकर एवं श्री सचिन बोरकर मामले का निस्तारण किया गया। मामला ‘कदम कैपिटल टाउन फेज-1’, अंजोरा, दुर्ग से संबंधित है, जिसकी रेरा पंजीयन संख्या PCGRERA280618000361 है।
शिकायतकर्ता राजकुमार यादव ने 38 लाख रुपये में एक आवासीय इकाई खरीदी थी। उनका आरोप था कि प्रोजेक्ट के ब्रॉशर में स्विमिंग पूल, क्लब हाउस और जिम जैसी सुविधाओं का वादा किया गया था, लेकिन कई सुविधाएं अधूरी या अनुपस्थित हैं। साथ ही उन्होंने विभिन्न शुल्कों की वापसी और अन्य राहतों की मांग की थी।
डवलपर ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि परियोजना 2019 में पूर्ण हो चुकी है और कब्जा जनवरी 2020 में दे दिया गया था। उसका यह भी दावा था कि स्विमिंग पूल का कोई वादा नहीं किया गया था।
प्राधिकरण ने अधिकांश मांगों को खारिज कर दिया, लेकिन स्विमिंग पूल के मुद्दे पर शिकायतकर्ता के पक्ष में निर्णय दिया। निरीक्षण के लिए नियुक्त आयुक्त की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि परिसर में कोई स्विमिंग पूल निर्मित नहीं है। साथ ही डवलपर द्वारा अपना ब्रॉशर रेरा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया था।
रेरा ने माना कि जब प्रमोटर ने अपना अधिकृत ब्रॉशर पोर्टल पर अपलोड नहीं किया, तो शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत ब्रॉशर को मान्य माना जाएगा। इस आधार पर डवलपर को स्विमिंग पूल का निर्माण करने का निर्देश दिया गया। यदि निर्माण तकनीकी रूप से संभव न हो, तो आवंटियों या आवासीय सोसायटी को रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 71 के तहत क्षतिपूर्ति मांगने का अधिकार होगा।
यह आदेश स्पष्ट करता है कि रेरा के तहत ब्रॉशर और प्रचार सामग्री में किए गए वादे कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं और डवलपर उन सुविधाओं से पीछे नहीं हट सकते।

