Friday, 28 August, 2026

छत्तीसगढ़ RERA का आदेश: ‘राज वाटिका’ परियोजना में 60 दिन में अधूरे कार्य पूरे कर पूर्णता प्रमाणपत्र लें डेवलपर


Chhattisgarh Real Estate Regulatory Authority | CG RERA

February 18, 2026 : Chhattisgarh Real Estate Regulatory Authority ने रायपुर स्थित ‘राज वाटिका’ आवासीय परियोजना के डेवलपर को 60 दिनों के भीतर सभी लंबित विकास कार्य पूर्ण कर सक्षम प्राधिकारी से पूर्णता प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण ने माना कि परियोजना अब भी “चल रही परियोजना” की श्रेणी में आती है क्योंकि बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं और वैध पूर्णता प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।

मामला सेमरिया, रायपुर स्थित ‘राज वाटिका’ कॉलोनी से संबंधित है, जिसमें 92 प्लॉट विकसित किए जाने थे। शिकायतकर्ता घनश्याम प्रसाद साहू ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की धारा 31 के तहत शिकायत दायर कर आरोप लगाया कि सड़क, पेयजल, नाली, बिजली सहित मूलभूत सुविधाएं आज तक पूरी नहीं की गईं। यह भी आरोप था कि कुछ बंधक प्लॉट बिना विकास कार्य पूरे किए बेचे गए।

डेवलपर ने दलील दी कि परियोजना वर्ष 2012 में पूरी हो चुकी थी और 2 जून 2012 को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी हुआ था, इसलिए RERA को अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता मूल आवंटी नहीं बल्कि बाद का खरीदार है।

प्राधिकरण ने आपत्तियों पर विचार करते हुए पाया कि वैध पूर्णता प्रमाणपत्र का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। 7 जुलाई 2025 की आयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में पेयजल, सड़क और प्रकाश व्यवस्था में कमी दर्ज की गई थी। इस आधार पर प्राधिकरण ने परियोजना को जारी माना और शिकायत विचारणीय ठहराई।

सीमा दीवार से संबंधित राहत देने से प्राधिकरण ने इंकार किया, क्योंकि स्वीकृत लेआउट में इसका उल्लेख नहीं था।

अंतिम आदेश में डेवलपर को 60 दिनों के भीतर सभी विकास कार्य मूल स्वीकृति के अनुसार पूर्ण कर पूर्णता प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रजिस्ट्रार को अधिनियम की धारा 3 के तहत पृथक कार्यवाही प्रारंभ करने को कहा गया।

प्रकरण: घनश्याम प्रसाद साहू एवं मनीष कुमार सारंग बनाम श्री फजल अब्बास