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News Citation : 2026 LN (CG-RERA) 35
May 18, 2026 : छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने रायपुर के चर्चित आवासीय प्रोजेक्ट “ईशान हाइट्स” से जुड़े एक विवाद में बिल्डर की ओर से ब्रोशर में किए गए दावों और वास्तविक निर्माण के बीच अंतर पाए जाने पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। हालांकि प्राधिकरण ने तत्काल मुआवजा देने से इनकार किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि फ्लैट खरीदार को क्षतिपूर्ति के लिए RERA अधिनियम की धारा 71 के तहत अलग से दावा करने का अधिकार है।
यह मामला रायपुर निवासी संजय केशरवानी गुप्ता द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा था, जिन्होंने “ईशान हाइट्स” परियोजना में फ्लैट नंबर 301 खरीदा था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिल्डर, मेसर्स एस.आर. कंस्ट्रक्शन, ने परियोजना के प्रचार ब्रोशर में 6 मीटर चौड़े ड्राइववे का वादा किया था, लेकिन वास्तविक स्थल पर कई स्थानों पर ड्राइववे की चौड़ाई कम पाई गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइववे क्षेत्र में कार पार्किंग आवंटित कर अतिक्रमण किया गया, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ RERA के अध्यक्ष संजय शुक्ला और सदस्य धनंजय देवांगन की पीठ ने की। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता सम्यक जैन उपस्थित हुए, जबकि बिल्डर की ओर से अधिवक्ता लोकमान्य साहू ने पक्ष रखा।
शिकायतकर्ता ने प्राधिकरण को बताया कि परियोजना का प्रचार करते समय बिल्डर ने 1242 वर्गफुट क्षेत्रफल वाले फ्लैटों के लिए ब्रोशर प्रकाशित किया था और उसमें स्पष्ट रूप से 6 मीटर चौड़े ड्राइववे का उल्लेख किया गया था। शिकायत के अनुसार, फ्लैट खरीदने के बाद वास्तविक स्थिति अलग पाई गई और पार्किंग व्यवस्था के कारण ड्राइववे की चौड़ाई कई स्थानों पर कम हो गई। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि ब्रोशर में दर्शाई गई सुविधाएं और निर्माण गुणवत्ता पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराई गईं।
दूसरी ओर, बिल्डर ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि परियोजना को सभी आवश्यक शासकीय अनुमतियां प्राप्त थीं और निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप किया गया है। बिल्डर ने यह भी कहा कि फ्लैट खरीदार ने निरीक्षण और संतुष्टि के बाद पंजीकृत विक्रय विलेख निष्पादित किया था तथा उस समय कोई आपत्ति नहीं उठाई गई। कंपनी ने यह दलील भी दी कि पार्किंग और ड्राइववे की व्यवस्था नगर निगम के मानकों के अनुसार है और किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण नहीं किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए RERA ने 15 अप्रैल 2026 को एक आयुक्त नियुक्त कर स्थल निरीक्षण कराने का आदेश दिया। निरीक्षण रिपोर्ट में यह पाया गया कि कुछ स्थानों पर ड्राइववे की चौड़ाई 6 मीटर थी, लेकिन मोड़ वाले हिस्सों, क्लब हाउस और ट्रांसफार्मर क्षेत्र के पास चौड़ाई घटकर 4.5 मीटर तक रह गई थी। रिपोर्ट में कहा गया, “During site inspection, it was observed that the driveway width… was ranging between 4.5 meters to 6.0 meters.”
RERA ने अपने आदेश में कहा कि आयुक्त की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि बिल्डर ब्रोशर में दर्शाई गई 6 मीटर चौड़ी ड्राइववे सुविधा पूरी तरह उपलब्ध कराने में असफल रहा। प्राधिकरण ने माना कि यह रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 14(1) के उल्लंघन का मामला बनता है। धारा 14(1) के तहत प्रमोटर को स्वीकृत योजना और विज्ञापित सुविधाओं के अनुरूप निर्माण करना अनिवार्य होता है।
हालांकि, RERA ने शिकायतकर्ता को इस स्तर पर प्रत्यक्ष मुआवजा देने से इनकार कर दिया। आदेश में कहा गया कि शिकायतकर्ता यदि क्षतिपूर्ति चाहता है तो वह अधिनियम की धारा 71 के तहत न्याय निर्णायक अधिकारी के समक्ष अलग आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। धारा 71 RERA के तहत वित्तीय क्षतिपूर्ति के दावों के लिए विशेष प्रक्रिया प्रदान करती है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायत समयसीमा के भीतर दायर की गई थी। फ्लैट का पंजीकरण अक्टूबर 2023 में हुआ था और शिकायत जनवरी 2026 में दाखिल की गई, जो भारतीय परिसीमा अधिनियम, 1963 के तहत निर्धारित अवधि के भीतर मानी गई।
अपने अंतिम आदेश में RERA ने बिल्डर को आयुक्त निरीक्षण में हुए 11,800 रुपये के खर्च का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया। साथ ही, शिकायतकर्ता को धारा 71 के तहत अलग से मुआवजे का दावा दायर करने की स्वतंत्रता दी गई।
यह फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे यह संदेश गया है कि बिल्डर द्वारा ब्रोशर और विज्ञापनों में किए गए दावे केवल प्रचार सामग्री नहीं माने जाएंगे, बल्कि वे कानूनी जवाबदेही का आधार भी बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश घर खरीदारों के अधिकारों को मजबूत करता है और प्रमोटरों को परियोजना के प्रचार में अधिक पारदर्शिता बरतने के लिए बाध्य करेगा।
Case Reference: Chhattisgarh RERA Case No. M-ALL-2026-03504 | Sanjay Kesharwani Gupta vs M/s S.R. Construction | Project: “Ishaan Heights” | RERA Registration No. PCGRERA190221001199 | Advocates: Samyak Jain for the Applicant and Lokmanya Sahu for the Respondent.