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January 29, 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक स्थानीय कंस्ट्रक्शन फर्म, मेसर्स धंगल बिल्डर्स के दुर्घटनाग्रस्त जेसीबी वाहन के बीमा दावे का भुगतान ब्याज सहित करे। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जहां तकनीकी आधारों पर दावों को लटकाने वाली कंपनियों को आईना दिखाया गया है।
यह पूरा मामला मई 2021 से शुरू होता है, जब धंगल बिल्डर्स ने अपनी जेसीबी एक्सकेवेटर का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस से कराया था। मार्च 2022 में बीजापुर के लिंगापुर गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से यह वाहन पलट गया और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जब मालिक ने ₹6,53,004 के नुकसान की भरपाई के लिए दावा पेश किया, तो बीमा कंपनी ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि वाहन का उपयोग ‘व्यावसायिक’ कार्यों के लिए किया जा रहा था, जबकि वह ‘निजी’ उपयोग के लिए पंजीकृत था। साथ ही चालक के पास वैध लाइसेंस न होने का तर्क भी दिया गया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल और सदस्यों की पीठ ने पाया कि बीमा कंपनी के तर्क खोखले थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि वाहन के पंजीकरण दस्तावेजों में कहीं भी इसे केवल निजी उपयोग तक सीमित नहीं रखा गया था, बल्कि यह ‘नॉन-ट्रांसपोर्ट’ श्रेणी का उत्खनन यंत्र (Excavator) था। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए यह भी माना कि चालक का लाइसेंस पूरी तरह वैध था।
हालांकि परिवादी ने साढ़े छह लाख रुपये से अधिक की मांग की थी, लेकिन आयोग ने सर्वेयर की रिपोर्ट को आधार मानते हुए ₹2,27,318 की राशि स्वीकृत की है। इसके अलावा, कंपनी को आदेश दिया गया है कि वह दिसंबर 2022 से अब तक का 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करे। मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के रूप में कंपनी को अतिरिक्त ₹30,000 का जुर्माना भी भरने का निर्देश दिया गया है। उपभोक्ता आयोग का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि बीमा कंपनियां अपनी शर्तों की मनमानी व्याख्या कर ग्राहकों के वाजिब हक को नहीं मार सकतीं।
Case Reference : M/S Dhangal Builders Vs. United India Insurance Co. Ltd