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February 6, 2026 : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा दावों को तकनीकी आधार पर खारिज करने वाली कंपनियों को कड़ा संदेश दिया है। आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में ‘दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को आदेश दिया है कि वह ट्रक चोरी के मामले में परिवादी को बीमा राशि के साथ-साथ मानसिक क्षतिपूर्ति का भुगतान करे। आयोग ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय परमिट वाले वाहन के लिए उसी राज्य के भीतर अलग से प्राधिकार पत्र (Authorization Certificate) की कमी को आधार बनाकर दावा निरस्त करना अनुचित है।
यह मामला रतनपुर निवासी राजकुमार गोयल का है, जिनका भारी माल वाहक ट्रक (CG 10 AJ 9585) अक्टूबर 2022 में ग्राम रिस्दा के पास सड़क किनारे से चोरी हो गया था। पीड़ित ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद बीमा कंपनी के पास दावा पेश किया था। हालांकि, बीमा कंपनी ने यह तर्क देते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि चोरी के समय वाहन के पास वैध प्राधिकार पत्र नहीं था और चालक ने सुरक्षा उपायों में लापरवाही बरती थी। कंपनी का दावा था कि वाहन को सड़क पर चाबी सहित असुरक्षित छोड़ दिया गया था।
सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल और सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट और नेशनल कमीशन के विभिन्न फैसलों का हवाला दिया। आयोग ने माना कि चूंकि वाहन छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर ही था और परमिट उसी राज्य से जारी हुआ था, इसलिए अलग से प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं थी। साथ ही, वाहन को लॉक करके सड़क किनारे खड़ा करना चालक की लापरवाही नहीं माना जा सकता। आयोग ने बीमा कंपनी की इस कार्रवाई को सेवा में कमी (Deficiency in Service) करार दिया।
अपने आदेश में उपभोक्ता आयोग ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देशित किया है कि वह परिवादी को वाहन की आईडीवी (IDV) राशि 24,70,000 रुपये का भुगतान करे। इस राशि पर परिवाद पेश करने की तिथि 7 फरवरी 2025 से भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। इसके अतिरिक्त, मानसिक कष्ट के लिए 25,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये अलग से देने का आदेश दिया गया है। यह फैसला उन वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत है जिनके दावे छोटी तकनीकी खामियों के नाम पर लटका दिए जाते हैं।
Case Reference : Raj Kumar Goyal Vs. The Oriental Insurance Company Ltd.