छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग ने राज्य में जनसामान्य की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन को एक प्रभावी मंच के रूप में सक्रिय किया है। अब नागरिक अपनी समस्याएं दूरभाष, व्हाट्सएप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी शिकायतों का एकीकृत प्रणाली के तहत समयबद्ध निराकरण हो।
मुख्यमंत्री के जनदर्शन कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों का समाधान भी सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही जिलों में कलेक्टर द्वारा आयोजित जनदर्शन में मिलने वाली शिकायतें भी हेल्पलाइन में दर्ज की जाएंगी, ताकि सभी मामलों की निगरानी एक ही प्लेटफॉर्म से हो सके।
मंत्रालय महानदी भवन में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के नामांकित नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की प्रशिक्षण सह बैठक आयोजित की गई। तकनीकी सपोर्ट टीम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को हेल्पलाइन प्रणाली के संचालन, शिकायत पंजीकरण और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया समझाई।
सचिव श्री राहूल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। सीएम हेल्पलाइन एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के रूप में कार्य करेगी, जिसमें प्रत्येक शिकायत को पंजीकृत कर निर्धारित समय सीमा में उसका समाधान किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि समय सीमा में समाधान नहीं होता है, तो उन्हें कारण स्पष्ट करना होगा।
प्रत्येक दर्ज शिकायत के लिए एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी, जिससे शिकायतकर्ता अपनी समस्या की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। विभागीय सचिवों को भी यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि शिकायत का समाधान किस स्तर पर किया गया है। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होंगी।
इस पहल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक एक ही मंच पर अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे और शासन की निगरानी प्रणाली के जरिए उनके समाधान की प्रक्रिया को ट्रैक कर सकेंगे।

