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April 15, 2026 : केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामला बैंक के शालीमार बाग शाखा, दिल्ली में लॉकर संबंधी जानकारी मांगने से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता अक्षय कुमार मल्होत्रा ने 27 दिसंबर 2023 को आरटीआई आवेदन दाखिल कर शाखा में उपलब्ध लॉकरों की संख्या, उनके आवंटन, खाली पड़े लॉकरों और प्रतीक्षा सूची जैसी विस्तृत जानकारी मांगी थी। उन्होंने फरवरी 2023 तक की स्थिति के साथ-साथ मार्च से दिसंबर 2023 तक का मासिक डेटा भी मांगा था।
हालांकि, बैंक के CPIO द्वारा 18 मार्च 2024 को दिए गए जवाब को शिकायतकर्ता ने अधूरा और सामान्य बताया। जवाब में केवल कुल लॉकरों की संख्या (240) और उनके आकार के अनुसार वितरण (15 बड़े, 75 मध्यम, 150 छोटे) की जानकारी दी गई, जबकि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना देने में 82 दिनों की देरी हुई और मांगी गई SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उन्होंने प्रथम अपील दायर की, जिसे अपीलीय प्राधिकारी ने खारिज करते हुए कहा कि सूचना उपलब्ध रूप में ही दी जा सकती है और आरटीआई अधिनियम शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है।
मामला अंततः केंद्रीय सूचना आयोग पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने दोहराया कि उन्हें पूर्ण और सटीक जानकारी नहीं दी गई। वहीं, बैंक के प्रतिनिधि ने कहा कि उपलब्ध जानकारी प्रदान कर दी गई है और शेष जानकारी की पुनः समीक्षा की जाएगी।
आयोग ने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए CPIO राज कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनके खिलाफ आरटीआई अधिनियम की धारा 20 के तहत कार्रवाई की जाए। आयोग ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
इस आदेश के साथ ही आयोग ने शिकायत का निपटारा कर दिया, लेकिन स्पष्ट संकेत दिया कि सूचना देने में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
Case Reference : Akshay Kumar Malhotra vs. CPIO, Union Bank of India