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जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लोक अदालत के माध्यम से कुल 13,029 प्रकरणों का निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे पक्षकारों ने आपसी सहमति, सुलह और समझौते के जरिए वर्षों पुराने विवादों का त्वरित समाधान प्राप्त किया।
लोक अदालत के संचालन के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 10 न्यायालयीन खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें जिला न्यायालय बेमेतरा में 9 तथा तहसील न्यायालय साजा में 1 खंडपीठ शामिल रही। प्रत्येक खंडपीठ में दो-दो सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। पक्षकारों की सुविधा के लिए विधिक सहायता डेस्क, स्वास्थ्य डेस्क, मोबाइल चिकित्सकीय वैन तथा बैंक, विद्युत विभाग, नगर पालिका और बीएसएनएल विभाग के स्टॉल भी लगाए गए।
नेशनल लोक अदालत में कुल 11,746 प्री-लिटिगेशन एवं लंबित मामलों को निराकरण के लिए रखा गया था। राजस्व, बैंक, विद्युत और बीएसएनएल से जुड़े मामलों में समझौते के माध्यम से 34 लाख 48 हजार 951 रुपये की वसूली हुई। वहीं न्यायालयों में लंबित आपराधिक, सिविल, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा, एनआई एक्ट एवं अन्य मामलों में 2 करोड़ 23 लाख 42 हजार 561 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार कुल 2 करोड़ 57 लाख 91 हजार 512 रुपये की समझौता राशि का निराकरण हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नालसा और सालसा योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए न्याय वृक्ष, द्वार तोरण और विधिक जागरूकता प्रदर्शनी आयोजित की गई। आमजन को बाल विवाह निषेध, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, मोटर यान अधिनियम और निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी गई। न्यायालय परिसर में प्रेरणादायक संदेशों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
इसके अलावा घरेलू हिंसा, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, साइबर क्राइम और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। पक्षकारों के लिए बैठक, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी।
लोक अदालत में समझौता करने वाले पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप फलदार, फूलदार और छायादार पौधों का वितरण किया गया। न्यायालय परिसर में बनाया गया सेल्फी जोन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
लोक अदालत में कई महत्वपूर्ण व्यवहार वाद और मोटर दुर्घटना दावा मामलों का समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया। एक मामले में मोटर दुर्घटना से मृतक के परिजनों को 22 लाख रुपये की समझौता राशि देने पर सहमति बनी। वहीं 18 लंबित मोटर दुर्घटना दावा मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा कुल 73 लाख 25 हजार रुपये की राशि देने पर समझौता हुआ।
एनआई एक्ट के एक चेक बाउंस मामले में 70 हजार रुपये के विवाद का समाधान 33 हजार रुपये में कराया गया। बैंक और फाइनेंस कंपनियों से जुड़े कई मामलों का भी आपसी सहमति से निपटारा हुआ।
लोक अदालत में गांवों के पुराने विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और आपसी रंजिश से जुड़े कई आपराधिक मामलों का भी समाधान हुआ। न्यायालय की समझाइश के बाद पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त किए, जिससे सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिला।
इसके अलावा पैतृक संपत्ति, जमीन बंटवारा और पारिवारिक विवादों से जुड़े कई वर्षों पुराने मामलों का भी सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ। पक्षकारों ने समझौते के जरिए अपने रिश्तों को पुनः मजबूत बनाया।
कुटुम्ब न्यायालय में विशेष काउंसलिंग और समझाइश के बाद 7 दंपत्तियों ने अपने वैवाहिक विवाद समाप्त कर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। इनमें प्रेम विवाह, भरण-पोषण, वैवाहिक मतभेद और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले शामिल थे।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालंटियर्स, जिला प्रशासन, नगर पालिका, पंचायत प्रतिनिधियों, बैंक, विद्युत विभाग तथा अन्य विभागों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।