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छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दंतेवाड़ा संतोष कुमार आदित्य के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिले सहित बीजापुर के समस्त न्यायालयों में किया गया। इस दौरान लोक अदालत में आपराधिक, प्री-लिटिगेशन, राजस्व एवं ट्रैफिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया।
बीजापुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारी रोजमीन राजेश खाखा की अध्यक्षता में खंडपीठ सदस्य आशिक सिद्दीकी एवं ज्योति कुमार की उपस्थिति में विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई की गई। लोक अदालत में आपराधिक मामलों का निपटारा राजीनामा, प्ली बारगेनिंग तथा स्वीकारोक्ति के आधार पर किया गया।
तालुका विधिक सेवा समिति बीजापुर के समन्वय से आयोजित इस लोक अदालत में लंबित 6 आपराधिक मामलों का आपसी समझौते के जरिए निराकरण किया गया। वहीं यातायात नियम उल्लंघन से जुड़े 956 ट्रैफिक प्रकरणों एवं आबकारी विभाग के 16 मामलों सहित कुल 972 प्रकरणों का निपटारा करते हुए शासन के पक्ष में 1 लाख 68 हजार 930 रुपये की राशि जमा कराई गई।
इसके अलावा जलकर, बिजली बिल, दूरसंचार विभाग के बकाया बिल तथा बैंक ऋण से संबंधित प्री-लिटिगेशन के 264 मामलों में 57 हजार 330 रुपये की समझौता राशि के साथ समाधान कराया गया। जिले के राजस्व न्यायालयों में खातेदारों के बीच बंटवारा, नामांतरण एवं अन्य राजस्व संबंधी कुल 4950 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर विवादों का त्वरित समाधान होने से पक्षकारों को राहत मिलती है और न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।
इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय बीजापुर के न्यायालयीन कर्मचारी पीताम्बर सिंह मण्डावी, चेतन ध्रुव, गौरैया गोटा, सुनील कुमार मौर्य, नारायण पिटला, डोमेन्द्र कुमार साहू एवं कैलाश चन्द्रवंशी उपस्थित रहे।