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April 28, 2026 : केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने एक महत्वपूर्ण आदेश में प्रयागराज स्थित प्रधान महालेखाकार (ऑडिट-I) कार्यालय के रवैये पर सवाल उठाते हुए संबंधित CPIO से स्पष्टीकरण मांगा है। मामला सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन के साथ जमा किए गए इंडियन पोस्टल ऑर्डर (IPO) को स्वीकार न करने से जुड़ा है।
यह मामला शिकायतकर्ता ई. विश्वनाथ द्वारा दायर शिकायत से संबंधित है, जिन्होंने 27 जनवरी 2025 को RTI आवेदन दाखिल कर अपने प्रथम अपील मेमो की प्रमाणित प्रति मांगी थी। हालांकि, CPIO ने 17 मार्च 2025 को जवाब देते हुए कहा कि शुल्क गलत प्राधिकारी के नाम पर है और नया आवेदन तथा IPO भेजने को कहा।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि उन्होंने नियम 6 के तहत वैध तरीके से IPO जमा किया था, लेकिन विभाग ने जानबूझकर उसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, विभाग की ओर से कहा गया कि IPO सही अधिकारी के नाम पर नहीं था, इसलिए उसे स्वीकार नहीं किया गया।
आयोग ने पाया कि IPO RTI नियम, 2012 के नियम 6(b) के अनुरूप था और उसे अस्वीकार करने के लिए कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया गया। आयोग ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तत्कालीन CPIO को 15 दिनों के भीतर विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला धारा 18 के तहत शिकायत का है, इसलिए आयोग संबंधित CPIO को सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश नहीं दे सकता। इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला भी दिया गया।
अंततः आयोग ने शिकायत का निस्तारण करते हुए आदेश की प्रति दोनों पक्षों को नि:शुल्क उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
Case Reference : E. Vishwanath (Complainant) vs. CPIO, Principal Accountant General (Audit-I), 15A, Maharshi Dayanand Marg, Alka Puri Colony, Prayagraj, Uttar Pradesh