1
1
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
April 23, 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, रायपुर ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाहन माइलेज विवाद से जुड़े मामले में डीलर और निर्माता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जिला आयोग के आदेश को रद्द कर दिया है। यह मामला एक स्कूटर की कथित कम माइलेज को लेकर दायर उपभोक्ता शिकायत से जुड़ा था।
मामले के अनुसार, अंबिकापुर निवासी ज्ञानेंद्र चतुर्वेदी ने 2 नवंबर 2021 को एक एक्टिवा 125 ड्रीम एलॉय स्कूटर खरीदा था। उनका आरोप था कि खरीद के समय उन्हें 60 किमी प्रति लीटर माइलेज का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वास्तविक उपयोग में स्कूटर मात्र 35–36 किमी प्रति लीटर का औसत दे रहा था। कई बार सर्विसिंग के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायत को आंशिक रूप से सही मानते हुए डीलर और निर्माता को वाहन की मरम्मत कर संतोषजनक स्थिति में लौटाने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन न करने पर 15,000 रुपये मुआवजा और 3,000 रुपये वाद व्यय देने का भी निर्देश दिया गया था।
हालांकि, इस आदेश के खिलाफ डीलर और निर्माता ने राज्य आयोग में अपील दायर की। अपील में कहा गया कि माइलेज को लेकर कोई आधिकारिक आश्वासन नहीं दिया गया था और उपभोक्ता द्वारा प्रस्तुत वेबसाइट की जानकारी विश्वसनीय या आधिकारिक नहीं है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि माइलेज कई बाहरी कारकों जैसे सड़क की स्थिति, ड्राइविंग शैली और ईंधन की गुणवत्ता पर निर्भर करता है।
राज्य आयोग ने रिकॉर्ड और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि उपभोक्ता यह साबित करने में असफल रहा कि वाहन की माइलेज को लेकर कोई ठोस आश्वासन दिया गया था। आयोग ने यह भी माना कि जिला आयोग ने तथ्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया।
अपील के दौरान प्रस्तुत अतिरिक्त साक्ष्यों में सर्विस जॉब कार्ड शामिल था, जिसमें परीक्षण के दौरान वाहन की माइलेज 59 से 63 किमी प्रति लीटर तक दर्ज की गई थी। आयोग ने इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए कहा कि वाहन में किसी प्रकार की निर्माण दोष या स्थायी माइलेज समस्या का प्रमाण नहीं मिलता।
इन तथ्यों के आधार पर राज्य आयोग ने अपील स्वीकार करते हुए जिला आयोग का आदेश निरस्त कर दिया और उपभोक्ता की मूल शिकायत खारिज कर दी।
Case Reference : Proprietor, Jaswani Honda Automobiles Pvt. Ltd. & Anr. Vs. Gyanendra Chaturvedi