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April 24, 2026 : छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्माण श्रमिकों से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से आधार प्रमाणीकरण लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा 24 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (CGBOCW) अब लाभार्थियों की पहचान स्थापित करने, पंजीयन, लाभ स्वीकृति और रिकॉर्ड के डुप्लीकेशन को रोकने के लिए आधार प्रमाणीकरण का उपयोग कर सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे योजनाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचेगा और प्रक्रिया अधिक सरल होगी।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। यदि कोई लाभार्थी आधार के माध्यम से प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहता या असमर्थ है, तो उसे किसी भी सेवा या लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके लिए पैन कार्ड, पासपोर्ट या राज्य सरकार द्वारा जारी अन्य पहचान पत्र मान्य होंगे।
यह निर्णय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा UIDAI से परामर्श के बाद लिया गया है, जिससे आधार आधारित पहचान को कानूनी रूप से लागू किया जा सके। अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी हो गई है।
अधिसूचना के परिशिष्ट में कुल 31 योजनाओं का उल्लेख किया गया है, जिनमें मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, श्रमिक आवास सहायता योजना, श्रमिक पेंशन योजना और श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति व कोचिंग सहायता जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। पेज 3 और 5 की तालिका में इन योजनाओं की विस्तृत सूची दी गई है, जो श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी हैं।
सरकार का मानना है कि आधार प्रमाणीकरण से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होगी, फर्जीवाड़ा कम होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी, जबकि वैकल्पिक पहचान व्यवस्था के कारण किसी भी पात्र व्यक्ति के अधिकारों पर असर नहीं पड़ेगा।
GENCOR-35/1736/2026-LABOUR Dated 24 April 2026