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छत्तीसगढ़ आयोग ने बारिश और तूफान से नुकसान पर ₹26.2 लाख बीमा क्लेम मंजूर किया, ICICI लोम्बार्ड को राहत नहीं।

April 13, 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी और मेसर्स थर्मोकेयर रॉकवूल इंडिया प्रा. लि. के बीच चले बीमा विवाद में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने बीमा कंपनी की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए जिला आयोग के आदेश को ज्यादातर बरकरार रखा, और यह स्पष्ट किया कि “ऑल रिस्क” ट्रांजिट पॉलिसी में तूफान और बारिश से हुई क्षति को सामान्य तौर पर कवर माना जाएगा।

मामला नवंबर 2023 का है, जब थर्मोकेयर रॉकवूल ने मुंबई से राजनांदगांव तक माल परिवहन के लिए मरीन सिंगल ट्रांजिट इनलैंड बीमा पॉलिसी ली थी। 26 नवंबर 2023 को ट्रांजिट के दौरान तेज बारिश और तूफान के कारण एल्यूमिनियम फॉयल रोल्स की खेप में भारी नुकसान हुआ। कुल 60 रोल्स में से 39 रोल खराब हो गए।

कंपनी ने बीमा क्लेम किया, जिस पर सर्वेयर ने जांच में यह माना कि नुकसान ट्रांजिट के दौरान पानी घुसने से हुआ। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए दावा खारिज कर दिया, खासकर यह कहते हुए कि बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

इसके बाद कंपनी ने जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया। जनवरी 2025 में जिला आयोग ने शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को 26,20,800 रुपये का भुगतान करने, 50,000 रुपये मानसिक क्षति के लिए और 3,000 रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया था, साथ ही देरी होने पर ब्याज भी तय किया गया था।

बीमा कंपनी ने इस आदेश को राज्य आयोग में चुनौती दी और कहा कि पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ है, इसलिए क्लेम देय नहीं है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि मामला व्यावसायिक लेनदेन का है, इसलिए शिकायतकर्ता “उपभोक्ता” की श्रेणी में नहीं आता।

राज्य आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों की जांच के बाद पाया कि पॉलिसी “ऑल रिस्क कवर” के तहत थी और इसमें बारिश से हुई क्षति को स्पष्ट रूप से बाहर नहीं किया गया था। आयोग ने यह भी माना कि तूफान और भारी बारिश जैसी परिस्थितियों में नुकसान होना स्वाभाविक है और इसे केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि कवरिंग में कमी थी।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि “स्टॉर्म” यानी तूफान में तेज हवा और भारी बारिश शामिल होती है, और ऐसी स्थिति में हुई क्षति बीमा कवर के दायरे में आती है। इसलिए बीमा कंपनी द्वारा क्लेम खारिज करना सेवा में कमी माना गया।

हालांकि, आयोग ने जिला आयोग के आदेश में एक संशोधन करते हुए यह जोड़ा कि क्लेम राशि का भुगतान करने के बाद क्षतिग्रस्त माल (सल्वेज) पर बीमा कंपनी का अधिकार होगा। इस संशोधन के साथ अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया गया।

यह फैसला स्पष्ट करता है कि “ऑल रिस्क” बीमा पॉलिसियों में प्राकृतिक कारणों, विशेषकर तूफान और बारिश से हुए नुकसान के मामलों में बीमा कंपनियां बिना स्पष्ट अपवाद के क्लेम से इनकार नहीं कर सकतीं।

Case Reference : B.M., ICICI Lombard Genaral Insur. Co. Ltd. Vs. M/s Thermocare Rockwool