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Durg National Lok Adalat 2026 Court Settlement Proceedings

दुर्ग में नेशनल लोक अदालत 2026 में 7.93 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण, 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पर हुआ समझौता

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन दुर्ग जिले में सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक द्वारा मुंगेली से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें प्रदेश के सभी जिले ऑनलाइन जुड़े रहे।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के निर्देशन में जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुम्ब न्यायालय, व्यवहार न्यायालय भिलाई-3, पाटन, धमधा, किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत, राजस्व न्यायालय तथा उपभोक्ता फोरम सहित विभिन्न न्यायालयों में कुल 38 खंडपीठों का गठन किया गया। इन खंडपीठों में दाण्डिक, दीवानी, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा, बैंकिंग, विद्युत तथा दूरसंचार से जुड़े मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया गया।

नेशनल लोक अदालत में कुल 17,906 लंबित न्यायालयीन प्रकरण एवं 7,75,129 प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल समझौता राशि 52 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक रही। बैंक, बिजली और दूरभाष विभाग से जुड़े हजारों मामलों का भी समझौते के माध्यम से समाधान हुआ। कई मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्षकारों को जोड़कर विवादों का शांतिपूर्ण निराकरण कराया गया।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के एक मामले में बीजापुर में पदस्थ एसआई आर्म्स को 1.80 लाख रुपये का अवार्ड प्रदान किया गया। वहीं कई आपराधिक मामलों में भी आपसी समझौते के आधार पर विवाद समाप्त किए गए। न्यायालयों द्वारा पक्षकारों को सुलह और संवाद के माध्यम से विवाद खत्म करने के लिए प्रेरित किया गया।

लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके अलावा गुरुद्वारा समिति के सहयोग से निःशुल्क भोजन व्यवस्था भी की गई। केंद्रीय जेल दुर्ग द्वारा बंदियों के बनाए गए “जेल उत्पाद” की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने सराहा।