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April 20, 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा दावे से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बीमा कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जिला आयोग का आदेश रद्द कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय वाहन चालक के पास वैध और प्रभावी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, ऐसे में बीमा दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
यह मामला द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम अखिलेश सदाशिवन से जुड़ा है, जिसमें 20 अप्रैल 2026 को आदेश सुनाया गया। राज्य आयोग ने बीमा कंपनी की अपील स्वीकार करते हुए 30 जुलाई 2025 को जिला आयोग द्वारा पारित आदेश को निरस्त कर दिया।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता अखिलेश सदाशिवन ने अपने मालवाहक वाहन का बीमा कराया हुआ था। 6 मई 2022 को वाहन एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें चालक की मौत हो गई और वाहन को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति की मांग की गई, लेकिन कंपनी ने दावा खारिज कर दिया।
बीमा कंपनी का तर्क था कि दुर्घटना के समय वाहन चालक के पास ट्रांसपोर्ट श्रेणी का वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। जांच में पाया गया कि चालक का ट्रांसपोर्ट लाइसेंस 16 जनवरी 2022 को ही समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। वहीं, वाहन का कुल वजन 10,250 किलोग्राम था, जिसके लिए वैध ट्रांसपोर्ट लाइसेंस आवश्यक था।
राज्य आयोग ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों और राष्ट्रीय आयोग के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि यदि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं है, तो बीमा कंपनी पर भुगतान की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। आयोग ने यह भी माना कि जिला आयोग ने इन तथ्यों की अनदेखी करते हुए गलत आदेश पारित किया था।
अंततः राज्य आयोग ने बीमा कंपनी की अपील को स्वीकार करते हुए शिकायतकर्ता का दावा पूरी तरह खारिज कर दिया और दोनों पक्षों को अपने-अपने खर्च वहन करने के निर्देश दिए।
Case Reference : B.M., The Oriental Ins. Co. Ltd. Vs. Akhilesh Sadashivan